बेखौफ चल रहा अवैध लकड़ी का कारोबार, पुलिस ट्रक चालको से नजराना वसूली करने में रहती है व्यस्त
गोड्डा : मेहरमा थाना क्षेत्र में अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के बजाय माफियाओं को खुली छूट दे दी गई है माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने की वजह उसे संरक्षण देने का काम किया जा रहा है। अवैध कारोबार रोकने के बजाय बेतहाशा बढ रहा है। बताते चलें कि मेहरमा थाना क्षेत्र बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार फल फूल रहा है बताते चले की अवैध धंधे में संलिप्त अधिकतर माफिया पुलिस से साठगांठ के लिए थाने का चक्कर लगाते रहते हैं। इधर झारखंड- बिहार के सीमावर्ती गांव जैसे सिमानपुर, दिग्घी, खंधार, ककरघट, सुखाडी़, देवनचक, भगैया, मेहदी पोखर समेत अन्य गांव के चिन्हित लकड़ी माफिया, बालु माफिया, गांजा माफिया, कई बड़े कांडों में संलिप्त अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। मेहरमा पुलिस की लापरवाही के कारण पेड़ कि अंधाधुंध कटाई हो रहे हैं। लकड़ी माफिया प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर दिन के उजाले में धडल्ले से वनों को नष्ट कर रहे हैं। जिसमें वन विभाग व पुलिस प्रशासन की माफियाओं से साठगांठ के चलते उचित कार्रवाई नहीं हो रही है। ताजा तस्वीरें मंगलवार का बताया जा रहा है जो मेहरमा थाना क्षेत्र के खंधार गांव का है आए दिन यह सड़क लकड़ी माफियाओं के लिए सेफ जोन बन गया है। इस तरह की तस्वीर दिन के उजाले में कभी भी देखा जा सकता है हालांकि लोगों में चर्चा है कि मेहरमा पुलिस भगैया-पिरोजपुर सड़क पर हमेशा पत्थर चिप्स लदा ट्रकों से नजराना की वसूली करने में व्यस्त रहती हैं इसकी जानकारी थाना प्रभारी को दिए जाने के बाद भी कई तरह का बहाना बता दिया जाता है वही मेहरमा थाना के पिरोजपुर, इशीपुर थाना क्षेत्र के मेहदी पोखर गांव में अवैध रुप से संचालित आरा मीलों में झारखंड से पेड़ों की कटाई कर लकड़ी का बोटा चिन्हित वाहनों के सहारे तस्करी के लिए पहुंचाया जाता है।


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