आज दिनांक 22 जुलाई 2023 को पीस सेंटर परिधि द्वारा कासिमपुर भागलपुर में युवा संवाद का आयोजन किया गया। संवाद का विषय था - स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्य"। विषय प्रवेश कराते हुए पीस सेंटर परिधि के राहुल ने कहा कि भारत 1947 को आजाद हुआ परंतु देश की आजादी कैसी होगी इसकी रूपरेखा पिछले 25-30 वर्षों में ही तैयार हुई थी। आजादी आंदोलन में कई गुट थे जो अपनी मान्यता और हित के अनुसार आजादी चाहते थे। कुछ राजा राजवाड़ा चाहते थे कि अंग्रेज चले जाए पर सत्ता उनके हाथ आ जाए। कुछ धार्मिक जातीय संगठन धर्म के आधार पर देश का बंटवारा व शासन चाहते थे। परंतु ज्यादातर स्वतंत्रता सेनानी एक ऐसे राष्ट्र की कल्पना कर रहे थे जो समता, न्याय, लोकतंत्र, वैज्ञानिकता पर आधारित हो। मुख्य वक्ता संस्कृति कर्मी उदय ने अपनी बात में कहा कि आज जिसे हम भारत कहते हैं यह आजादी के बाद आया। अलग-अलग राजा रजवाड़ों का अपना शासन था और यह आपस में लड़ते भी थे। इनका देश से अलग था, उनके हित अलग थे। महात्मा गांधी, भगत सिंह, जवाहरलाल नेहरू, खान अब्दुल गफ्फार खान, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, अबुल कलाम आजाद सरीखे स्वतंत्रता सेनानियों ने समता, लोकतंत्र, न्याय और समाजवादी देश बनाने के लिए अपने जीवन बलिदान कर दिए। अलग-अलग नस्लों, प्रांतों, भाषाई लोगों को एकजुट कर आधुनिक भारत का निर्माण किया। इस आजादी के मूल में समता, लोकतंत्र, न्याय, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद के ही मूल्य निहित हैं। आज कुछ लोग इन मूल्यों को खत्म कर देना चाहते हैं। इन मूल्यों के खत्म होने का अर्थ है आजादी का खत्म होना। युवाओं को इन मूल्यों के प्रति सचेत और दृढ़ प्रज्ञ होना पड़ेगा वरना सैकड़ों वर्षों के संघर्ष का यह फल बर्बाद हो जाएगा। इस अवसर पर जय नारायण, मनजीत कुमार, अरविंद सिंह, बिंदेश्वरी सिंह, रामचरित्र यादव, चंदन दास, नागेश्वर ऋषि देव, सुशील कुमार सिंह, विक्रम कुमार, गौरव कुमार, सोनाक्षी कुमारी, कशिश परवीन, आदि ने भी अपनी बातें रखी।

0 comments: