एम यू सी सी में आज शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया
बाँका। शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर एम0यु0सी0सी0 बांका के प्रांगण में शिक्षक दिवस कार्यक्रम का आज भव्य आयोजन किया गया।
जिसमें भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं भारतीय दार्शनिक शिक्षा के अग्रदूत डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनका जन्म दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के वरीय छात्र एवं मार्गदर्शन टेस्ट सीरीज के संयोजक -सह- अध्यक्ष मिथुन कुमार यादव ने किया।इस मौके पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के
रूप में संस्थान के निदेशक राजिक
राज भी उपस्थित थे।
मिथुन कुमार ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि अभी का राजनीति कफी खींचतान वाला चल रहा है। खासकर छात्र- छात्राओं को इससे परहेज करना चाहिए। लेकिन आप छात्र गण देश के कर्णधार हैं, कल के भविष्य हैं। इसलिए अपने चरित्र को साफ रखते हुए डाॅ॰राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चल कर देश और समाज की सेवा करना है।
एम यू सी सी संस्थान के निदेशक श्री राज ने कहा कि सरकार द्वारा छात्रों के भविष्य को लेकर शिक्षा के आयामो में बहुतेरे बदलाव कर उन्हें कुशल शिक्षा से लेकर कौशल विकास तक की शिक्षा का द्वार खोल दिया गया है। आज हम बच्चों को आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं।
सोनू कुमार सिंह, नेहरू महिला मंडल की अध्यक्षा गरिमा भारती, सन्नी मिश्रा आदि ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए। तत्पश्चात गरिमा भारती, श्री सिंह एवं श्री मिश्रा आदि द्वारा संस्थान के निदेशक श्री राजिक को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रौशन कुमार, अली, आयुष कुमार, प्रीतम सिंह, विशाल, आकांक्षा, खुशी, रंजीत, शारिया, कोमल, शानू,तस्मिम, मुकद्दरसा ,आदि का सराहनीय योगदान रहा । * के पी चौहान, बाँका।
संस्थान के निदेशक महोदय एवं मार्गदर्शक सोनू कुमार सिंह, नेहरू महिला मंडल की अध्यक्षा गरिमा भारती एवं सन्नी मिश्रा इत्यादि ने संस्थान के निदेशक को अंगवस्त्र से सम्मानित किया तथा कार्यक्रम में सम्मिलित गुरूजनों द्वारा छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की गई एवं उन्हें वर्तमान प्रतियोगिता परीक्षा के दौर में आपस में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बनाकर सफलता प्राप्त करने को प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम के सफल संचालन में अली, रोशन कुमार,विशाल, आयुष कुमार, प्रीतम सिंह, आकांक्षा, खुशी, रंजीत, शारिया,कोमल,शानू,तस्मिम,
मुक़द्दसा, इत्यदि ने अपना अहम योगदान दिया ।

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