बिहार/ मुजफ्फरपुर
आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुजफ्फरपुर एवं जिला कृषि कार्यालय, मुजफ्फरपुर के संयुक्त तत्वाधान में कृषि क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा नवाचार पर विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधियों व हितभागियों का एकदिवसीय उन्मुखीकरण किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री शिलाजीत सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी मुजफ्फरपुर द्वारा की गई। संचालन श्री मोहम्मद साकिब खान कंसलटेंट/डीएम प्रोफेशनल, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुजफ्फरपुर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी नें कहा कि जलवायु परिवर्तन तथा आपदाएं आज की मुख्य समस्या हैं, इसका सबसे अधिक प्रभाव कृषि क्षेत्र में देखने को मिल रहा है तथा इससे सबसे अधिक किसान प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए कृषि विभाग विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन कर रहा है तथा वर्तमान में संभावित सुखाड़ से निपटने के लिए डीजल अनुदान योजना संचालित की जा रही है। कृषि विभाग की योजनाओं, मृदा अध्ययन, कृषि विविधिकरण, एकीकृत प्राकृतिक कृषि प्रणाली, बीज शोधन, मशरूम खेती, कृषि वानिकी, आर्गेनिक सब्जी खेती आदि की आधुनिक पद्धतियों का प्रचार प्रसार में एनजीओ सहित अन्य हितभागियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कृषि जीवन यापन का आधार है इसे जलवायु परिवर्तन तथा आपदाओं के प्रभाव से बचाने हेतु तथा किसानों की आय बढ़ाने हेतु हम सबको मिल जुलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि एनजीओ प्रतिनिधियों हेतु हर माह एक तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इस संबंध में जागरूक हो सकें।
श्री मोहम्मद साकिब खान कंसल्टेंट,आपदा प्रबंधन द्वारा कृषि क्षेत्र में पड़ रहे जलवायु परिवर्तन, आपदाओं के प्रभाव तथा मुजफ्फरपुर में वर्षा के आंकड़ों के माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी प्रदान की गई तथा इसके निदान के उपायों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बदलते जलवायु के अनुसार खेती की नवीन व प्राकृतिक तकनीक को अपनाने पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं वैज्ञानिकों द्वारा भी जलवायु परिवर्तन तथा आपदाओं के प्रभाव से फसलों को बचाने, वैकल्पिक फसलों को लगाने, कृषि अभियान्त्रिकी, कीट प्रबंधन के संबंध मे महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।


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