बाँका (संवाददाता)।बाँका
जिला का लाइफ लाइन कहा जाने वाला चांदन पुल के टूटने से 7 माह से
से भी अधिक समय हो जाने के बाद बाँका के खासकर पूर्वी क्षेत्र के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसमें भी वर्षात के दिनों में जब उन्हें जिला मुख्यालय आना पड़ता था तो उन लोगों के रूह कांपने लगते थे। वो भी रात के अंधेरे में हाथ में लाठी लिए किसी रोगी को कंधे पर उठाए नदी के पानी से गुजरते हुए किसी चिकित्सक के पास पहुँच जाते थे तो उनके आँखों की चमक देखते ही बनती थी। आज इस चांदन नदी में डायभरसन तैयार हो गया है और आम जन दो पहिये एवं चार पहिये की सवारी करते देखा गया। खासकर युवाओं एवं वृद्ध जनों के चेहरे पर एक अलग ही खुशी देखने को मिल रही थी। इसका प्रमुख कारण है कि युवा वाइक और चार पहिये की सवारी कर बाँका नहीं आ पा रहे थे और वृद्ध जन पानी में तैर कर बाँका आने सक्षम नहीं थे
बाँका व्यवहार न्यायालय के जाने-माने अधिवक्ता मो•आजम सईद
भी जब डायभरसन से होते हुए इस पार आए तो उन्होंने अपने वाहन को रोकते हुए कहे कि आठ माह के बाद आज राहत मिली है, अब देखिये ये डायभरसन भी कितना दिन चलता है।
ज्ञात हो कि 20-22 दिन पूर्व ये डायभरसन चालु हुआ था लेकिन दुसरे दिन ही आई बाढ़ में डायभरसन पानी के बहाव में बह गया था।
खैर भविष्य की बात तो गर्भ में छुपा है और लगता है कि अब बाढ़ भी नहीं आने वाला है। लेकिन लोगों के आँखों की चमक देखते ही बन रही थी। बाँका जिला में चुनाव भी पहले चरण में 28 अक्टूबर 2020 को होने वाला है। इसलिए प्रशासन भी राहत की सांस ले रहा है। चुनाव में वाहनों का आवागमन काफी बढ़ जाता है। * के पी चौहान बाँका।

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